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किशोरों में अवसाद के 5 कारण और प्रभाव

01

अतीत में दर्दनाक घटनाओं

कारण

प्रभाव

यौन शोषण

विपरीत सेक्स के प्रति एक घृणा, प्यार या स्नेह महसूस करने में अक्षमता, शर्म और घृणा जो अवसाद की ओर जाती है

घरेलू हिंसा

लगातार डर, गुस्सा और निराशा

बदमाशी

बदमाशों के लिए कायरता और पीड़ितों के लिए अफसोस, दोनों अवसाद को जन्म दे सकती

02

विरासत लक्षण

कारण

प्रभाव

अध्ययनों से पता चला है कि जिन बच्चों के माता-पिता या करीबी रक्त सम्बन्धी अवसादग्रस्त होते हैं तो उनको किशोरवय में अवसाद हो सकता है और जीवन भर जारी रह सकते है, यदि उसका इलाज न किया जाए।

ऐसे बच्चे नकारात्मक लक्षण जैसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने से इनकार के भाव ले लेते हैं और अक्सर अपने माता-पिता या भाई बहन की तरह निराशावादी हो जाते हैं।

03

शराब या नशीले पदार्थों की लत

कारण

प्रभाव

किशोर मन इसे कब रोकना है या काफी हुआ कहने को तय करने के लिए बहुत छोटा होता है। शराब और नशीली दवाएं जो उल्लासोन्माद उन्हें देती है, वह तार्किक सोच और तर्क के लिए उनके दिमाग को बन्द कर देता है।

प्रारंभिक जीवन में लत या इन पदार्थों पर निर्भरता गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है बाद में जब उन तक पहुंच नहीं होती है। इससे निराशा और लाचारी की भावना भर जाती है साथ ही कई गंभीर मानसिक बीमारियां जैसे बाइपोलर डिसऑर्डर, चरम का स्कित्ज़ोफ्रेनिया और स्थायी अवसाद हो सकतीं हैं।

04

शैक्षिक कारणों से

कारण

प्रभाव

स्कूल या कॉलेज में साथियों के दबाव के कारण खराब प्रदर्शन, संस्थानों, माता-पिता या स्वयं द्वारा उच्च उम्मीदों का निर्धारण या विफलता हो सकता है।

लगातार अफसोस और अधिक सफल छात्रों से अपने आप की तुलना निराशा, और असफलता से अंत में अवसाद की भावना पैदा हो सकती है।

05

रिश्ते टूटना और असफल होना

कारण

प्रभाव

किशोरवय में रिश्ते का टूटना और ज्यादा कठिन हो जाता हैं, क्योंकि उनमें से अधिकतर के पास जीवन की कोई गंभीर जिम्मेदारियां नहीं होती जिससे उस उम्र में मन को केंद्रित रखा जा सके।

अस्वीकृति, प्यार और स्नेह की हानि तथा अकेलापन उसको अवसाद, मादक द्रव्यों के सेवन और यहां तक कि आत्महत्या तक ले जा सकता हैं।

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