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द लाइव लव लॉफ फाउंडेशन के बारे में

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी चिंताओं को अभिव्‍यक्‍त, साझा और उनसे निबटने के लिए एक मंच

भारत सरकार का अनुमान है कि 6-7 प्रतिशत जनसंख्‍या मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी छोटी-बड़ी चिंताओं से ग्रस्त रहती है। ये लगभग 70 मिलियन भारतीय लोग हैं, और यह संख्‍या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान दिए जाने की जरूरत वाले लोगों की बड़ी संख्‍या के बावजूद भारत में केवल 3,500 प्रशिक्षित मनोचिकित्‍सक और इससे कम मनोवैज्ञानिक हैं। इससे भी बुरी बात यह है कि ऐसे लोगों और उनके परिवारों द्वारा सामना किए जाने वाले लांछन और भेदभाव उन्‍हें मार्गदर्शन प्राप्‍त करने से रोकते हैं।

दीपिका पादुकोण, जिनके अवसाद का निदान उस समय किया गया था जब वह अपने कैरियर के चरम पर थीं, द्वारा स्‍थापित द लाइव लव लॉफ फाउंडेशन यह स्थिति बदलने के लिए उम्मीद से भरा है। उन्‍होंने मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य/ अवसाद को सामने लाने और उसके बारे में खुलकर बात करने वाले लोगों को प्रोत्‍साहित करने के लिए अपने निजी संघर्ष को सामने लाने और उसके बारे में बात करने का निर्णय लिया। बाद में उन्‍होंने अपनी सारी ऊर्जा इस अद्वितीय फाउंडेशन को बनाने पर केंद्रित की।

फाउंडेशन खासकर अवसाद पर ध्‍यान केंद्रित करने के साथ भारत में मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के कारणों से निबटने का प्रयास करता है। जागरूकता फैलाने के अतिरिक्‍त इसका उद्देश्‍य विभिन्‍न बुनियादी गतिविधियों का समर्थन और कार्या‍न्‍वयन करना है जैसे GPs को प्रशिक्षण देना, आसान पहुंच के लिए मा‍नसिक स्‍वास्‍थ्‍य पेशेवरों का राष्‍ट्रीय डाटाबेस तैयार करना, वर्तमान स्‍वास्‍थ्‍य पेशेवरों के साथ हेल्‍प-लाइन विकसित करना, अन्‍य संगठनों और गैर सरकारी संगठनों के साथ अनुदान संचयन, साझेदारी द्वारा मूल कारण को दूर करना और एनआईएमएचएएनएस (NIMHANS) और टीआईएसएस (TISS) जैसे प्रतिष्ठित संस्‍थानों के साथ मजबूत संबंध स्‍थापित करना। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जमीनी कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए संगठन अन्य एनजीओ से सहयोग और गठबंधन करेगा, और मानसिक स्वास्थ्य पर शोध तथा डेटा संग्रह का वित्तपोषण व समर्थन करेगा। शोध सहायकों को छात्रवृत्तियां तथा अन्य सहायता प्रदान करना, अन्य मुख्य कार्यक्षेत्र हैं।

संस्थापक की सोच साकार करते हुए, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए डिजिटल और परम्परागत मीडिया माध्यमों के जरिए दृश्यता और जागरूकता बनाना फाउंडेशन का ध्येय है। संगठन मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विषयसामग्री का एक कोष (रिपॉजिटरी) भी बनाएगा, जबकि मानसिक स्वास्थ्य की परेशानियों से पीड़ित लोगों, देखभालकर्ताओं, तथा मानसिक स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों के लिए भी जानकारी का निरंतर स्रोत बना रहेगा।

deepika

दीपिका पादुकोण का संदेश

इसकी शुरूआत 15 फरवरी, 2014 को हुई। उस सुबह जागने पर मुझे अपने पेट में कुछ परेशानी का अहसास हुआ। एक तरफ मैं व्यावसायिक रूप से तो अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन कर रही थी और दूसरी ओर मैं हताशा, खालीपन और दिशाहीनता अनुभव कर रही थी। सबसे खराब बात यह थी कि मुझे अंदाजा तक नहीं था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। हर सुबह जागना जैसे एक संघर्ष बन गया। यह निश्चित रूप से मेरे जीवन का सबसे कठिन साल था। मैं दुश्चिंता और अवसाद की शिकार थी।

मेरे अभिभावकों के प्यार और सहयोग ने मुझे उन अंधेरे दिनों से निकलने के लिए प्रेरित किया और पेशेवर सहायता प्राप्त करने के लिए सही समय पर उनकी सलाह काम कर गई।

जैसे-जैसे मैंने अवसाद के बारे में ज्यादा पढ़ना और समझना शुरू किया, तो मेरी समझ में आया कि मेरे जैसे लाखों लोग हैं। वास्तव में, प्रत्येक 4 में से 1 व्यक्ति अपने जीवनकाल में दुश्चिंता और अवसाद का सामना करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह दुनिया को प्रभावित करने वाली अगली बड़ी महामारी बनने वाली है। हालांकि ज्यादातर लोग मदद नहीं खोजते क्योंकि समाज अवसाद को कलंक मानता है इसलिए बहुत सारे लोग अपनी व्यथा अपने प्रियजनों के सामने भी उजागर नहीं करते और वे इस भय से हिचक जाते हैं कि लोग उन्हें कमजोर या पागल समझ लेंगे।

तो, 2015 में वर्ष के पहले दिन मैंने दुश्चिंता और अवसाद से अपने संघर्ष को इस उम्मीद में दुनिया के सामने उजागर करने का फैसला किया, कि इससे मेरे जैसे दूसरे लोगों को इस कलंक का जाल तोड़ने का साहस मिलेगा और वे मदद खोजने के लिए प्रेरित होंगे। छह महीने बाद श्री अन्ना चाडी, डॉ. श्याम भट्‌ट, अनिर्वाण ब्लाह, नीना नायर और आशु कालपा की मदद से-हमने दि लाइव लव लॉफ फाउंडेशन की स्थापना की।

अगले कुछ वर्षों में, दि लाइव लव लॉफ फाउंडेशन निम्न पर केंद्रित होगा

मानसिक स्वास्थ्य के मसलों के बारे में जागरूकता बढ़ाना

मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कलंक की मान्यता कमजोर बनाना

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अन्य एनजीओ के साथ मिलकर कार्य व सहयोग करना

ऐसे शोध को प्रोत्साहन देना जो स्थानीय समाधान डिजाइन करने में मदद करें

मैं आपसे आग्रह करती हूं कि इस प्रयास में हमारी मदद करें और दि लाइव लव लॉफ फाउंडेशन में योगदान करें। आप द्वारा दानस्वरूप दिया गया प्रत्येक रूपया भारत में मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में अभियान मजबूत बनाने में सहायक होगा।

इस सफर में हमारे साथ चलें, ताकि अवसाद से प्रभावित अधिकाधिक लोगों के लिए, स्टीफन फ्राई के शब्दों में,

‘एक दिन रोशनी बिखरेगी……….।’

दीपिका पादुकोण

ट्रस्टी

Anna Chandy

अन्ना चांडी

अन्ना को विकास कार्य, परामर्श, कोचिंग, तथा मार्गदर्शन का 18 वर्ष से अधिक का अनुभव है। अन्ना एशिया की प्रथम प्रमाणित ट्रांजैक्शनल विशेषज्ञ हैं जिनको इंटरनेशनल ट्रांजैक्शनल एनालिसिस एसोसिएशन से मान्यता के साथ काउंसिलिंग में विशेषज्ञता प्राप्त है। वे न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग और आर्ट थेरेपी में प्रमाणित हैं। वे निजी प्रैक्टिस करती हैं और संगठनों के साथ भी कार्य करती हैं।

Anirban Das Blah

अनिर्वाण दास ब्लाह

अनिर्वाण, CAA KWAN के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। भारत की अग्रणी मनोरंजन कंपनियों के विकास में नेतृत्व की भूमिका निभाने के बाद, उन्हें हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा भारत के सबसे प्रभावशाली वैचारिक नेताओं में से एक माना गया।

Nina Nair

नीना नायर

नीना को शिक्षण, अधिगम और विकास, मानव संसाधन तथा सांगठनिक विकास के क्षेत्र में लगभग 30 साल कार्य करने का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने कई तरह की रोमांचक भूमिकाएं अपने जीवन में निभाई हैं-हाईस्कूल की टीचर से लेकर एक उद्यमी, प्रशिक्षक और एचआर की हेड तक। वे इस समय (24)7 इंक में वीपी व हेड (एचआरडी) (भारत एवं लैटिन अमेरिका) हैं।

Dr. Shyam Bhat

डॉ. श्याम भट्‌ट

डॉ. श्याम के भट्‌ट, एमडी, एक मनोचिकित्सक और डॉक्टर हैं, जिन्होंने मनोचिकित्सा, आंतरिक औषधि, तथा साइकोसोमैटिक औषधि में परास्नातक प्रशिक्षण और बोर्ड प्रमाणन प्राप्त किए हैं। उनको 20 वर्ष से अधिक कार्य करने का अनुभव प्राप्त है और रोगोपचार की पूर्वी व पश्चिमी विधियों के एकीकरण में उनकी विशेष रूचि है।

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