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क्या आप पढ़ने के लिये घर से दूर किसी दूसरे शहर जा रहे हैं?

कुछ सुझाव जो इस बदलाव से जुझने में आपकी मदद करेंगे:

हर युवा व्यक्ति अपने जीवनकाल में किसी न किसी समय पर अपने माता पिता का घर छोड़ता है। उच्च शिक्षा या बेहतर करियर विकल्प के लिये युवाओं का दूसरे शहरों या देशों में जाना आजकल सामान्य बात है। कुछ के लिये यह उत्साह से भरा होता है क्योंकि उन्हें स्वावलंबन और नवीन अनुभव चाहिये होता है। लेकिन कुछ के लिये यह काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस बदलाव में शामिल होता है नए स्थान में स्वयं को ढालना, नए दोस्त बनाना, अपनी प्राथमिकताओं को व्यवस्थित करना और एक सामाजिक जीवन बनाना। उन युवाओं के लिये, जो रहवासी महाविद्यालयों में जाते हैं, व्यवस्थित दिनचर्या और नियम एक नया अनुभव है जो चिंताजनक हो सकता हैं। जिन्हें स्वतंत्रता से रहने की आदत होती है, उन्हें अपने दैनिक खर्चों और बाकी चीज़ों को लेकर निरंतर तनाव का सामना करना पड़ता है। यदि आप कभी भी अपने माता पिता से दूर नही रहे हैं, तो संभव है कि आप:

स्थान बदलने से अभिभूत हो सकते हैं

नई भाषा को लेकर समस्या का सामना कर सकते हैं

नए लोगों से मिलने को लेकर आपको व्यग्रता हो सकती है

घर की याद आ सकती है

एकाकीपन और आत्मसम्मान की कमी जैसी स्थितियां हो सकती हैं

आपको यह महसूस हो सकता है कि पढ़ाई पर आप ध्यान केन्द्रित नहीं कर पा रहे हैं और आप ठीक से सो नहीं पा रहें हैं।

इस स्थिति से निपटने के लिये कुछ तरीके यहां दिये जा रहे हैं:

यह पहले से ही तय कर लें कि आप होस्टल में रहेंगे या स्वतंत्र तरीके से

अपने वर्तमान मित्रों के साथ मिलकर दूसरे स्थान पर जाने का सोचे

कॉलेज के पुराने दोस्तों से मित्रता बढ़ाएं और उनके अनुभवों से सीखे

समस्या आने पर विद्यार्थी कल्याण संघ से संपर्क करें

अंशकालिक ( पार्ट-टाइम) नौकरी या किसी क्लब की सदस्यता ली जा सकती है। नए लोगों से मिलने का यह बेहतर तरीका है!

अधिकांश अभिभूत करने वाले विचार और ड़र अस्थायी होते हैं जिनके उचित समाधान से आप उनसे उबर सकते हैं। बहरहाल यदि ये विचार और अनुभूतियां आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, तब आपको मानसिक स्वास्थ विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिये। ज़्यादातर कालेज परिसर में काउन्सलर मौजूद है – लेकिन अगर आपके कैम्पस में ऐसा कोई न हो तो आप हमारे सहयोगी हेल्पलाइनों की मदद ले सकते हैं:

आसरा: 022-27546669

आइकॉल: 022-25521111

सहाय: 080-25497777

स्नेहा: 044-24640050

इस आलेख की सर्वप्रथम रचना और प्रकाशना व्हाइट स्वान फाउंडेशन द्वारा की गई थी, और इसे द लिव लव लॉफ फाउंडेशन के लिए संपादित किया गया है।

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