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सम्बन्ध विच्छेद और आत्महत्या के भाव- सम्बन्ध विच्छेद से उबरने में अपने दिमाग की कैसे मदद करें

क्या आप जानते हैं कि सम्बन्ध विच्छेद दिमाग के उसी हिस्से को सक्रिय करता है जो शारीरिक दर्द का अहसास करता है?

सम्बन्ध विच्छेद आसान नहीं हैं। कुछ कारण तो होगा जिसके चलते लोग सम्बन्ध विच्छेद के बाद बेहद कमजोर हो जाते हैं। रिश्तों में बहुत भावनाएं जुड़ी होती हैं और एक रिश्ते की समाप्ति से बड़ा भावनात्मक नुकसान महसूस होती है।

यहाँ तक कि सबसे मज़बूत और पूर्ण रूप से स्वतंत्र व्यक्तियों को सम्बन्ध विच्छेद या तलाक के दौरान कठिनाइयां हो सकती हैं। निर्णय आपका हो, आपके साथी का या आपसी समझौते से हो, यह बहुत मुश्किल है कि जिसने बड़े स्तर पर आपके जीवन को प्रभावित किया उसे छोड़कर आगे बढ़ा जाये। सम्बन्ध विच्छेद के बाद, याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं, बल्कि इस मुश्किल समय को पार करने के लिए दोस्तों और परिवार का समर्थन आपके साथ है। इस समय के दौरान, केवल सम्बन्ध विच्छेद से उबरना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इस समय अतीत से सीख लेते हुए अपनेआप को बेहतर व्यक्ति के रूप में विकसित करें।

सम्बन्ध विच्छेद के पीछे का विज्ञान

ऑक्सीटोसिन, मस्तिष्क का एक रासायन है जिसे अक्सर ‘प्रेम हार्मोन’ कहा जाता है क्योंकि यह उन लोगों में अधिक सक्रिय होता है जो प्रेम सम्बन्धों में होते हैं। यह भी माना जाता है कि यह विश्वास की भावना और दो व्यक्तियों के बीच के संबंध की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। जब ऑक्सीटोसिन अधिक सक्रिय होता है, मस्तिष्क आनंद और लचक अनुभव करता है और आनंद, सकारात्मक निर्भरता और खुशी महसूस करना सीखता है।

सम्बन्ध के विकास हेतु मस्तिष्क साथी की लगातार चिंता, परवाह और भावनात्मक ज्ञान का अनुभाव करता है। यदि आप एकदम से सब हटा लेंगे, तो मस्तिष्क निश्चित रूप से कुछ गंभीर नकारात्मक प्रभाव अनुभव करेगा। वह उन सभी सकारात्मक उत्तेजनाओं की कमी महसूस करेगा जिनके रहते उसने खुद को प्रसन्नता अनुभव करना सिखाया है।

भावनात्मक पहलू

कोई भी छोड़ा जाना पसंद नहीं करता है, लेकिन यह मानव प्रकृति है कि जो चीजें अपने लिए फायदेमंद नहीं है उन्हें हम पीछे छोड़ देते हैं। सम्बन्ध विच्छेद के बहुत से कारण होते है लेकिन अस्वीकृति का दर्द, अकेले होने का भय और त्याग दिए जाने का गुस्सा बहुत वास्तविक है। अलग अलग लोगों का इससे निबटने का और सम्बन्ध विच्छेद से उबरने का तरीका भी अलग होता है। अपनी सभी जटिलताओं के साथ हो सकता है मस्तिष्क को एक झटका लगा हो, लेकिन अंत में अपने स्वाभाविक स्थिति में लौटने और सदमे से उबरने की क्षमता उसमे है। महत्वपूर्ण यह है कि मस्तिष्क को चंगा किया जाये।

इस स्थिति में रोना, कमरे से बाहर न निकलना और कुछ समय के लिए फोन का जवाब नहीं देना पूरी तरह से स्वाभाविक है। एक सुन्न मस्तिष्क को उदासी की स्थिति से वापस लाने की जरूरत है। वहाँ से, आप उसे ठीक होने में मदद कर सकते हैं, हर दिन एक छोटा कदम बढ़ाकर।

क्या नहीं करना है

  1. सम्बन्ध विच्छेद के बाद एक सप्ताह या उससे कुछ अधिक समय का एकांतवास सामान्य है, लेकिन इससे अधिक समय तक अकेले रहने पर आप अवसादग्रस्त हो सकते हैं। कोशिश करें कि बहुत ज़्यादा समय के लिए अपने आपको बंद न करें।
  2. पागलों की तरह शराब पीने और अवसादग्रस्त होने के कारण अधिक खाने से आप भावनात्मक रूप से, मानसिक या शारीरिक रूप से ठीक नहीं होते है। अपने दुख को डुबोना और शराब में खुद को डुबोना पूरी तरह अलग है। भावनात्मक रूप से अस्थिर स्थिति में शराब की लत से मानसिक विकार होते हैं और यहां तक कि व्यक्ति आत्महत्या भी कर सकता है।
  3. कोई भी दवा या रासायनिक निर्भरता आपको उस खुशी का एहसास नहीं दिला सकती है जो एक रिश्ते में मिलता है। इस समय आपके दिमाग को स्वयं ही, खुद को ठीक करने की जरूरत है। समय आपका दोस्त और दुश्मन दोनों है। इसका समझदारी से उपयोग करें!
  4. एक रिश्ते से बाहर होने पर भी आप अकेला महसूस करते हैं और अपनी भावनाओं को साझा करने के लिए किसी के साथ की जरूरत सामान्य चाह है। लेकिन आवेश में आकर किसी अन्य पुरुष/महिला के साथ नया रिश्ता जोड़ना आपके और उस दूसरे व्यक्ति के लिए अधिक दर्द का कारण हो सकता है। आप जैसा दर्द महसूस करते हैं क्या आप चाहेंगे कि फिर से वैसा दर्द आप पर या किसी अन्य पर इसे थोपा जाये, यह जानते हुए कि यह कितना पीड़ादायक है?
  5. आत्महत्या कोई विकल्प नहीं है और इसके कई कारण हैं। जीवन में देखने को अभी बहुत कुछ बाकी है और कौन जानता है आपका सही जोड़ीदार सिर्फ तीन महीने या एक साल में आपको मिलने वाला हो! क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि कौन आपके लिए ज्यादा बेहतर था आपके पूर्व साथी की तुलना में?

आप क्या कर सकते है

  1. अपने लिए यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और एक समय में एक ही कदम लें। यह समझ में आता है कि आप इस बिंदु पर अभिभूत महसूस कर रहे है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि आप खुद ही बैठ कर यह सोचें कि भविष्य में अपने जीवन में आप क्या परिवर्तन चाहते हैं। इस दिशा में काम करने से आपके मन को अपने जीवन के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
  2. एक नौकरी ले लें, कोई नया शौक शुरू करें या यात्रा पर जाएँ। अपने आप को लगातार कई सप्ताह तक कैद रखने से मन में केवल वे यादें आती है जो आप ने अपने पूर्व साथी के साथ साझा की थीं। इसके कारण अवसाद हो जाता है क्योंकि यादें टूटे अहंकार के कारण नफरत से भरी होती हैं। अपने मन को इसके बजाय कहीं और ध्यान केंद्रित करना सिखाएं।
  3. अपने आप में निवेश करें, खुद को संतुष्ट रखें और जीवन के जो बड़े बड़े काम हैं उनमें लग जाएँ।
  4. कुछ व्यायाम करें, इससे आप ऊर्जावान और ताजा महसूस करते हैं जिससे दिमाग स्वस्थ और तेज होता है। नियमित व्यायाम मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। यह तनाव को भी कम करता है, याददाश्त में सुधार लाता है, बेहतर नींद में मदद करता है और सेहत को पूरी तरह से बेहतर कर देता है।
  5. नए दोस्त बनाएं, डेटिंग को अपनी प्राथमिकता की सूची में नीचे डाल दें। हालांकि आपका मन दूसरे के प्यार के लिए तड़प रहा है क्योंकि यह अभी ठीक हो रहा है, आप को इसे कुछ समय देना चाहिए। तुरंत एक और रिश्ते में कूदना इस समय अच्चा कदम नहीं हो सकता है।
  6. सम्बन्ध विच्छेद के बाद यदि आप लगातार आत्महत्या के बारे में सोच रहे हैं तो ध्यान उससे हटाकर भविष्य में होनेवाले सुन्दर घटनाओं के बारे में सोचने की कोशिश करें। आप ठीक हो जाएंगे और आपको प्यार फिर से मिल जाएगा। अगर आप के लिए यह करना बहुत मुश्किल है, तो आप नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से किसी भी मदद तक पहुँच सकते हैं।
  7. पेशेवर मदद लें। कभी कभी एक निष्पक्ष, गैर आलोचनात्मक व्यक्ति जो उस स्थिति में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं है, स्थिति का विश्लेषण करने में और आगे बढ़ने का निर्णय लेने में आपकी मदद कर सकता है। एक चिकित्सक आपके लिए सही चुनाव हो सकता है। वह आप को यहाँ मिल सकता है।

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