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एक आदमी होने का दबाव- क्रोध प्रबंधन और स्वास्थ्य

अक्सर पुरुषों को आदमी बनने का उपदेश मिलता है और उनको अपनी उम्र या जीवन में उनकी भूमिका के अनुरूप कार्य करने का दबाव पड़ता है। लेकिन बहुत कम लोग समझते हैं कि सेक्सिस्ट बातें और मर्दानगी से जुड़े पिछड़े विचार कैसे प्रतिगामी हो सकते है। और अभी भी बदतर है, कैसे वे क्रोध में ईधन झोंकने का काम कर सकते हैं - हताशा, दुख, झुंझलाहट से लेकर निराशा तक, जब पारंपरिक उम्मीदों पर पुरुष खरे नहीं उतरते।

इन अपेक्षाओं में हमेशा रोटी कमाने से लेकर किसी भी स्थिति में अल्फा पुरुष बनने की अपेक्षा और किसी भी परिस्थिति में अपनी भावनाओं को छिपाए रखने और न रोना तक शामिल है। यह पारंपरिक मानदंड उलटे पुरुषों के लिए डरावने और भ्रमित करने वाले हो सकते हैं। कुछ मर्दाना उम्मीदें भी विषाक्त हो सकती हैं – बोझ, हिंसा या एक संघर्ष व्यवस्थित करने के लिए क्रोध पर भरोसा करना से लेकर “एक असली आदमी की तरह व्यवहार करना” भी शामिल है। तो अंत परिणाम यह होता है कि क्रोध जैसी एक सामान्य मानवीय भावना की जगह एक अन्य विकृत भावना रूप ले लेता है, जैसे कि हल्की चिडचिडाहट की जगह रोष ले लेती है!

और क्योंकि पुरुषों को शुरू से उनकी भावनाओं को छिपाए रखने के लिए और उनके मन की सही स्थिति का पता न लगने देने की सीख दी जाती है, क्योंकि यह कमजोरी का एक अशोभनीय हस्ताक्षर माना जाता है, वे क्रोध को तब तक दबाते हैं जब तक यह वास्तव में खतरनाक न हो जाये।

क्रोध दबाने के खतरे

The dangers of suppressed anger

जब क्रोध व्यक्त नहीं हो पता है, यह व्यवहार, सोच और रिश्तों में परिवर्तन करता है। अध्ययनों से पता लगा है कि क्रोध को दबाने से चिंता और अवसाद जैसी मानसिक बीमारियाँ उत्पन्न हो सकते हैं। क्रोध शोषण (भावनात्मक और शारीरिक), और हिंसक व्यवहार आदि समस्याओं का कारण बन सकता है। नतीजतन, जो लोग अपने क्रोध या गुस्से को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं और अक्सर विस्फोटक क्रोध का प्रदर्शन करते हैं उनके तलाक हो जाने की संभावना अधिक होती है। सम शिक्षा वाले अन्य लोगों से बदतर काम करते है, और दोस्त कम होते हैं। इससे भी खराब स्थिति है, कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकते हैं।

वास्तव में, बार-बार और लंबे समय तक विस्फोटक क्रोध, उच्च रक्तचाप, हृदय की समस्याएं, सिर दर्द, त्वचा रोग, और पाचन समस्याओं जैसे स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जुड़े होते है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि एक गर्मागर्म बहस के बाद दो घंटे में, लोगों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना लगभग पांच गुना हो जाती है। अन्य अध्ययनों से पता चला है कि गुस्से में पुरुषों में समय से पहले हृदय रोग विकसित होने की संभावना तीन गुनी अधिक होती है; प्रारंभिक दिल का दौरा पड़ने की संभावना छः गुना अधिक होती है; और स्ट्रोक होने की संभावना तीन गुना होती है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि क्रोध के कारण तनाव उच्च हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि पैदा करता है जो आपके जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

क्रोध और तनाव के बीच के रिश्ते

तनाव नियंत्रित हो तो व्यक्ति स्वस्थ होता। क्लेश ऐसा तनाव है जो कई लोगों को चिड़चिड़ा और कभी कभी सर्वथा गुस्से में करता है। यह तब होता है जब तनाव बहुत ज्यादा हो और प्रेरक न रहे। जब तनाव और अन्य चीजों का संयोजन हो तो आप इस बारे में सोच सकते हैं। एक दिन, व्यक्ति इसे संभाल नहीं पता है और यह क्रोध विस्फोट हो जाता है।

अपने गुस्से पर कैसे काबू करें

How to manage your anger

क्रोध प्रबंधन के लिए पहला कदम क्रोध ट्रिगर्स की पहचान है। यह आपका एक बुरे बॉस के साथ बातचीत, या रोड रेज की एक घटना, यहां तक कि एक ईमेल या अपने फोन में एक मैसेज हो सकता है जो कि आज क्रोध को शुरू कर सकता है। क्रोध की पहचान करने के लिए एक और तरीका है कि आप तनाव की प्रतिक्रिया और अपने शारीरिक लक्षणों का विश्लेषण करें। अक्सर लोगों को विस्फोटक क्रोध से पहले लाल दिखना, तेजी से सांस लेना, जबड़े भींचना या कंधों में तनाव या दिल तेज़ी से धड़कना महसूस होता है। आप अपने आप को गुस्से या आवेश की प्रणालियों में से किसी एक का प्रदर्शन करता पाते हैं तो, यदि संभव हो उस परिस्थिति से स्वयं को हटा लें। एक ब्रेक ले और चारों ओर टहलें। या फिर एक गहरी साँस ले और, पुरानी कहावत की तरह दस तक गिनती गिने। अपने बढ़ते क्रोध के बारे में पता होने के नाते और इसका मुकाबला करने के लिए पहला कदम है। अपने आप से पूछें कि तुम वास्तव में क्यों नाराज हैं। कभी कभी असली समस्या की पहचान कर उसे सही संदर्भ में डालना, समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं।

अंत में इसे एक कोने में धकेल देना या बार-बार उकसाया जाने पर क्रोध सही प्रतिक्रिया लगता है, लेकिन सबसे अच्छा जवाब है कि अपने आप से पूछें कि क्या यह प्रतिक्रिया सबसे अच्छा परिणाम देंगी। हालांकि बजाय अपने क्रोध को दबाने के अपनी सच्ची भावनाओं को जाताना बेहतर हैI जागरूक प्रतिक्रिया हमेशा अनियंत्रित विस्फोट से बेहतर हैं। मस्तिष्क दूसरे नजरिए से चीजों को देखने और अपने आप को शांत करने के लिए दिमाग को रोकने की अनुमति दें। अगर वास्तव में कुछ ऐसा है जो गुस्से के लायक है, तो भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए जोर से चिल्लाने या हिंसा का सहारा लेने से इस तरह व्यक्त करना बेहतर होगा जिससे वह सुना जाये।

तनाव और क्रोध कम करने वाले तरीके:

व्यायाम

शौक

संचार कौशल सीखना

जर्नेलिंग

सामाजिक गतिविधियों में संलग्न होना

गहरी साँस लेना, ध्यान और योग

मदद लें

क्रोध प्रबंधन पाठ्यक्रम समूह में चर्चा और परामर्श शामिल है। क्या आप अपने गुस्से को नियंत्रित करने में मदद की जरूरत महसूस कर रहे है, तो आपको यहां एक चिकित्सक मिल सकता है।.

लेटेस्ट अप्डेट्स

(English) The Blue Whale Challenge:

7 ways depression is different in women and men

(English) Seven ways to show you care when confronted with mental illness at the workplace

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