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मानसिक रूप से बीमार आपके साथी के लिए अंतरंगता का क्या महत्व है

मानसिक बीमारियों का हमारे जीवन पर अक्सर जितना हम सोचते हैं, उससे कहीं अधिक प्रभाव पड़ता है। यह न केवल बीमार व्यक्ति के दैनिक जीवन को समस्यापूर्ण बनाती है, बल्कि उनके परिवारों को भी परेशानी की चपेट में ले लेती है। इसका कारण है कि अपने परिवारों के लिए हमारी भावनाओं और उनकी अभिव्यक्ति का हमारे मन की स्थिति से गहरा सम्बंध होता है। जबकि हम आम तौर पर यह मान लेते हैं कि यौन अंतरंगता अपने साथी के साथ स्नेह व्यक्त करने का आंगिक तरीका है, हम यह समझने में भूल करते हैं कि इसके आंगिक होने के साथ मनोवैज्ञानिक पहलू भी है।

मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोग भावनात्मक या यौन परिपूर्णता वाले रिश्तों में प्रवेश करने की इच्छा से महरूम नहीं होते हैं। इसके विपरीत, उनके लिए उस वास्तविकता को प्राप्त करना एक बड़ा काम है। यह जानते हुए कि हर दिन को पार करने के लिए उन्हें अनेक दैनिक कठिनाइयों से पार पाना होगा इसके बावजूद यह अपने संबंधों को बनाने और बनाये रखने में उनकी परेशानियों से अवगत कराता है।

चलो उन कुछ कारकों का विश्लेषण करते हैं जो कि रिश्ते में अंतरंगता का पोषण करने में महत्वपूर्ण होते हैं :

‘विश्वास’ फैक्टर

अपनी बीमारी के बारे में पूरी तरह से अवगत होने के कारण उनके आत्मविश्वास पर अतिरिक्त दबाव रहता है। उनके दिमाग में सिर्फ पसन्द और आकर्षण से जुड़े सवाल ही संदेह पैदा नहीं करते हैं। जबकि इस दिशा में पहला कदम उठाना किसी के लिए भी निश्चित ही अजीब और मुश्किल होता है, मानसिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के लिए यह दोगुना मुश्किल हो जाता है। क्या उनको अपने साथी को बीमारी के बारे में पता होने देना चाहिए? क्या उनको कुछ समय तक नहीं बताना चाहिए? क्या वे अब भी मिलने के लिए तैयार हैं?

अस्वीकृति का सामना करने के कारण आत्मसम्मान बोझ हो सकता है, और कभी कभी आलोचनात्मक आत्मनिरीक्षण अनुत्पादक हो सकता है। हालांकि अपने साथी की बीमारी के बारे में पता करना तब तक असंभव है जब तक कि वे आप में विश्वास न करें, या आपको एक साथ यह पता लगे, पता लगने पर यह समझें कि जितना आप सोच सकते हैं उससे बहुत अधिक कठिन समय आप का साथी झेल रहा है। यह सिर्फ उनके अपने जीवन को समझना नहीं वरन यह उनकी भावनाओं को जानना और उन्हें व्यक्त करने के तरीके खोजना भी है। आत्मविश्वास की कमी किसी से भी शारीरिक अंतरंगता से परहेज़ के रूप में प्रतिबिंबित कर सकते हैं। इसकी वजह आप को या खुद को प्यार और स्नेह के वंचित करना नहीं है। यह निरंतर ‘अपर्याप्त’ होने की भावना का नतीजा है।

‘सामाजिक’ फैक्टर

समाज ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कुछ विचार बना रखे हैं, वे हमारे निजी जीवन में निहित हैं और नई समझ बना रहे हैं। ऐसा ही एक विचार ‘सामान्य’ की धारणा है। ‘सामान्य’ क्या है? आप इसे कैसे अलग समझते हैं? समाज मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को ‘सामान्य’ की अवधारणा के बाहर रखता है, इस हद तक कि वह और अन्य सदस्य इस पर विश्वास करने लगते हैं। यह समाज में दोषहीनता की गलत धारणाओं के प्रचार के कारण हुआ, जिसके कारण विश्वास की कमी बढ़ जाती है। मानसिक बीमारी से ग्रस्त लोग ‘सामान्य’ की अवधारणा और अपनी बीमारी पर विश्वास करना शुरू कर सकते हैं, वे खुद को उस आदर्श के दायरे के बाहर मानते हैं। जब तक उनको समाज द्वारा बनाये आदर्श की अस्पष्टता का एहसास होता है, उन्हें भावनात्मक और यौन अंतरंगता में मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

‘दवा’ फैक्टर

मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को किसी से मिलने और रिश्ते बनाए रखने में विश्वास से जूझना पड़ता है, जो स्थिति कभी कभी साइकोट्रापिक नशीली दवाओं के असर में होने से जटिल हो सकती है। अवसादरोधी और अन्य दवाओं के कारण कभी कभी कामोत्तेजना में बाधा, अस्थायी नपुंसकता के साथ अनुचित वजन बढ़ना, ये सभी व्यक्ति के यौन आत्मविश्वास में योगदान दे सकते हैं। नशीली दवा का पुरुष और महिला के यौन प्रदर्शन पर प्रभाव को समझने के लिए किए गए एक शोध में पाया गया कि पुरुषों की शिकायत में लगभग कोई शारीरिक इच्छा महसूस न होने की हताशा से उत्पन्न चिड़चिड़ापन, उनके यौन प्रतिक्रिया की कमजोरी और लिंग शिथिलता अनुभव होने आदि के बारे में चिंता है। दूसरी तरफ महिलाओं ने इस पर यौन इच्छा में कमी और इससे असंतोष, चरमोत्कर्ष पाने में असमर्थता, असंतुष्ट यौन प्रदर्शन आदि की शिकायत की।

इसलिए अंतरंगता, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए और अधिक जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए मन और शरीर की पूरी भागीदारी की आवश्यकता होती है। यह समझा जा सकता है कि आप वंचित महसूस कर सकते हैं जब आपका साथी स्नेह का जवाब नहीं दे पाता है। लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे ऐसा जानबूझकर कर रहें हैं या वे आपसे पर्याप्त प्यार नहीं करते हैं। बल्कि, उनको यह समझने के लिए मदद की जरूरत है कि वे अंतरंगता के उस स्तर को कैसे स्थापित करें और संतुष्टिदायक रिश्ते का आनंद ले सकें।

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