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इस वर्ष आपको ज्यादा समय बाहर बिताने का संकल्प क्यों लेना चाहिये

क्या आपने कभी सोचा है कि पहाड़ों पर या समुद्र किनारे बिताई गई छुट्टियां किस प्रकार से आपका मूड बेहतर बना देती हैं? या फिर पार्क में ही एक छोटी सी सैर भी आपको किसी छोटी चिंता से तो मुक्ति दिला ही देती है। अपने दैनिक जीवन की भागदौड़ से थोड़ा दूर हट जाना वास्तव में आपका अपना स्वभाव बदल देती है। लेकिन यह इससे भी थोड़ा ज्यादा होना चाहिये।

यह विश्वास किया जाता है कि बाहर रहने का सकारात्मक प्रभाव आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस तत्व को समझने के लिये स्टेनफोर्ड युनिवर्सिटी द्वारा एक अध्ययन किया गया जिसमें एक प्रयोग किया गया और एक समूह को हरियाली से भरे स्थान पर ले जाया गया और कुछ व्यक्तियों को भारी ट्रैफिक से भरे वातावरण में समय बिताने के लिये कहा गया। पहले समूह के व्यक्ति जो हरियाली से भरे वातावरण में थे, एकाग्र रहे और आनंद से भरपूर भी। दूसरे शब्दों में, आप कोई खेल खेलें, अपने लिये सब्जियां उगाएं, किसी पेड के नीचे बैठकर किताब पढ़ें या सिर्फ पार्क की बेन्च पर बैठे ही रहे। आप बाहरी वातावरण के संपर्क में आते हैं तब यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिये उत्तम होता है। यह आपकी व्यग्रता को कम करता है, आपकी सोचने विचारने की शक्ति और प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाता है और आपको बेहतर मूड प्रदान करता है।

आगे भी इस क्षेत्र में अनुसंधान किया गया और यह पाया गया कि प्रकृति के पास रहने से चिंतन बेहतर होता है और इसका नकारात्मक होना मानसिक बीमारी के लिये एक जोखिम के समान होता है। एक अन्य अध्ययन, में प्रतिभागियों को एक 90 मिनट की पैदल सैर पर ले जाया गया जो कि प्राकृतिक वातावरण में थी और आगे जाकर उनका मानसिक आकलन किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि नकारात्मक आत्म विचारों में कमी हुई और वे मानसिक गतिविधियों में बदल गई थी वह भी उस क्षेत्र के मस्तिष्क में जहां पर मानसिक बीमारियां होने की आशंका होती है।

एक ओर मानवीय मस्तिष्क और व्यवहार संबंधी स्थितियों पर प्रकृति के सान्निध्य का सकारात्मक असर होने संबंधी बेहतरअनुसंधान एक ओर मानवीय मस्तिष्क और व्यवहार संबंधी स्थितियों पर प्रकृति के सान्निध्य का सकारात्मक असर होने संबंधी बेहतर

अब जब हम जानते हैं कि पर्यावरण और हमारा वातावरण हमारी मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार ला सकता है, इसका अगला कदम है कि वह प्रक्रिया कैसे की जा सकती है।

इसका उत्तर हमें उन गतिविधियों के रुप में मिलता है जिसमें बाहर कुछ क्रियाकलाप किये जाते हैं उदाहरण के लिये पैदल चलना। दैनिक स्वरुप में रोज आधा घन्टा तक पैदल चलना न केवल आपकी पेशियों के स्वास्थ्य के लिये बेहतर है वरन यह आपको सकारात्मक रुप से रक्त के संचरण में और ऑक्सीजन के प्रवाह में भी मदद करता है। इसके अलावा यह अभ्यास करने से एन्डोर्फिन और सिरोटोनिन का स्राव भी बेहतर तरीके से होता है जिन्हे दूसरे शब्दों में खुशी के हारमोन कहा जाता है और ये आपके सकारात्मक मूड में मदद करते हैं। अनुसंधान में यह भी पाया गया है कि केवल शारीरिक अभ्यास बाहर किये जाने से जीवन शैली संबंधी बीमारियों से बचाव होता है यह आपका आत्मविश्वास और बेहतर स्वास्थ्य के संबंध में आपकी सोच को भी बेहतर बनाता है। इसके कारण बढ़ती आयु के कारण बौद्धिक रुप से होने वाली थकान आदि जैसे लक्षणों को कम करता है और अवसाद व व्यग्रता को दूर करता है तत्बा मानसिक समस्याओं के उत्पन्न होने को लेकर किसी भी तैयारी को दूर करता है।

इस स्थिति में, आपके आस पास की स्थिति बेहतर भूमिका निभाती है। मानसशास्त्री और थैरेपिस्ट द्वारा यह माना जाता है कि विविध प्रकार के रंगों और वातावरण की भूमिका बेहतर होती है।

क्या आपको किसी कमरे में पीली दीवारों के कारण समस्या होती है? क्या गहरे नीले रंग का समुद्र आपको शांत करता है? रंगों का लंबे समय तक होनेवाला प्रभाव आपके संवाद और संवेदनाओं और आपकी मस्तिष्क की स्थिति को प्रभावित करता है।

साहित्य को पढ़ना भी रंगों की थैरेपी से संबंधित है जबकि बेहतर रंग जैसे लाल, पीला और केसरी को आपके उत्साह को बढ़ाने वाले या प्रतिक्रिया को बढ़ाने वाला माना जाता है लेकिन हरा और नीला आपके मानसिक प्रकार के प्रभाव को आराम और शांत प्रभाव देता है। चूंकि नीले और हरे रंग कलर स्पेक्ट्रम में पास पास होते हैं, वे अधिक संतुलित होते हैं और यही कारण है कि हम बेहतर महसूस करते हैं।

किसी छुट्टी पर जाना काम और जीवन में थोड़ा अवकाश लेना बेहतर होता है, नवीन स्थानों पर जाना और मानसिक और शारीरिक रुप से नवीनीकृत कर लेना बेहतर होता है। लेकिन बाहर रोजाना समय बिताना भी जरुरी है। इसलिये ज्यादा से ज्यादा घर से बाहर निकलें। अपने फेफडों को ताजी हवा से भरें। चिडियों की चहचहाहट सुनें और अपने दिल की धडकन को सुने, और सारी खूबसूरती को देखें। इससे आपका जीवन ज्यादा सरल और पूर्ण हो जाएगा।

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